Palitana | 5 Chaityavandan In Hindi Full ((exclusive))
पालीताना चैत्यवंदन विधि के मुख्य नियम (Key Rules of Chaityavandan)
नवाणु यात्रा में तीर्थयात्री 108 बार यह यात्रा दो महीनों में पूरी करते हैं। यह अत्यंत कठिन यात्रा है जिसमें गंभीर तपस्या और शारीरिक कष्ट सहन करने पड़ते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे तीर्थयात्री पाने की क्षमता विकसित करते हैं।
पुंडरीक गणधर प्रणमूं पाये, आदि जिनेश्वर राय।पांच करोड मुनिवर साधे, शिवरमणी वर थाय॥ १ ॥चैत्री पूनम दिन सोहामणी, सिद्ध भये मुनिराज।ते दिनथी ए तीरथ केरुं, पुंडरीक नाम सोहाज॥ २ ॥अष्टापद सम ए तीरथ मोटो, महिमा अपरम्पार।ए गिरि केरा कंकण वंदूं, पामूं भवनो पार॥ ३ ॥सुर नर किंकर सेवा साधे, भावे धरीने ध्यान।'विजय देव' कहे पुंडरीक स्वामी, आपो विमल ज्ञान॥ ४ ॥
' नामक स्थान पर किया जाता है। यह संपूर्ण पर्वत की पवित्रता को नमन करने के लिए है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
यह वंदन मन की शांति और भक्ति भाव को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
चैत्यवंदन के बाद की संपूर्ण विधि
नीचे पालीताना के इन 5 चैत्यवंदनों का विवरण हिंदी अर्थ और विधि के साथ दिया गया है: palitana 5 chaityavandan in hindi full
पालिताना ५ चैत्यवंदन विधि और पाठ (Palitana 5 Chaityavandan in Hindi Full)
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प्रत्येक चैत्यवंदन शुरू करने से पहले तीन बार कहें, भगवान की मूर्ति के सम्मुख एकाग्रचित्त होकर बैठें और तीन नवकार मंत्र का जाप करें। palitana 5 chaityavandan in hindi full
- चतुर्थ चैत्यवंदन
5. मुख्य आदिनाथ भगवान चैत्यवंदन (Fifth Chaityavandan of Lord Adinath)
5. पंचम चैत्यवंदन: मुख्य मंदिर - भगवान आदिनाथ (Adinath Bhagwan)